महिला हिंसा के विरुद्ध प्रगतिशील महिला एकता केंद्र द्वारा 30 नवंबर, रविवार को हल्द्वानी के सत्यनारायण धर्मशाला में एक दिवसीय सेमिनार का किया जा रहा है आयोजन।
अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस 25 नवंबर को पूरी दुनिया में मनाया जाता है। पूरी दुनिया में हर साल विभिन्न संगठनों द्वारा अंतराष्ट्रीय महिला हिंसा उन्मूलन दिवस 25 नवंबर को महिलाओं के विरुद्ध होने वाली हिंसा को रोकने की शपथ लेते हैं। लेकिन इसके बाद हमारे समाज की सच्चाई ये है कि पूरी दुनिया में हर तीसरी महिला किसी न किसी प्रकार से हिंसा की शिकार हुई होती है।
शासक वर्ग द्वारा महिलाओं के प्रति हिंसा के खिलाफ कदम उठाए जाने के नाम पर महज़ कुछ खोखले दावे किए जाते हैं या फिर कुछ दिखावे के कानून बना दिए जाते हैं। हर हिंसा की एक बड़ी घटना के बाद सरकार द्वारा एक कानून बनाया जाता है, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं के प्रति हिंसा का ग्राफ साल दर साल बढ़ता जा रहा है।
क्या महज कानून बना दिए जाने से महिलाओं पर हो रही हिंसा का उन्मूलन किया जा सकता है? क्या महिलाओं के प्रति होने वाली हिंसा महज घटनाएं हैं या फिर इनके पीछे कुछ सामाजिक सांस्कृतिक राजनीतिक कारण भी हैं?
ऐसे ही कुछ प्रश्नों पर तथा महिला हिंसा के विभिन्न आयामों उसके कारणों और उसके खिलाफ संघर्ष की रणनीति पर चर्चा करने के लिए प्रगतिशील महिला एकता केंद्र द्वारा 30 नवंबर, रविवार को हल्द्वानी के सत्यनारायण धर्मशाला में एक सेमिनार का आयोजन किया जा रहा है।
प्रगतिशील महिला एकता केंद्र की अध्यक्ष बिंदु गुप्ता ने बताया कि प्रगतिशील महिला एकता केंद्र द्वारा इस सेमिनार को महिला हिंसा के खिलाफ एक साझे संघर्ष की रणनीति बनाने के मुख्य उद्देश्य से किया जा रहा है। हम सेमिनार में महिला हिंसा के विभिन्न आयामों पर चर्चा करेंगे।
इस एक दिवसीय सेमिनार में उत्तराखंड के विभिन्न हिस्सों से जनसंगठनों तथा सामाजिक कार्मियों द्वारा भागीदारी की जाएगी।

