सेमलपुरी से उत्तर प्रदेश तक: विधायक परिवार के ‘भूमि साम्राज्य’ की जांच की उठी मांग।

*जनता के सवालों के घेरे में गदरपुर विधायक*

 

 

इन दिनों विधायक अरविंद पांडे खूब चर्चा में हैं….जनता इनकी और इनके परिवार की हरकतों से खौराई हुई है…

 

दबंगई और विधायकी हनक दिखा कर जमीन कब्जा…गैरकनूनी तरीके से ढेरों धन अर्जित करने की जानकारी सामने आते ही पूरी उधमसिंह नगर की जनता सरेआम सवाल कर रही है…..कि

 

आप तो खुद को “मजदूर का बेटा” बताते हैं फिर इतना धन कहां से इकठ्ठा कर लिया और धन की बदौलत अपना राजनीतिक नेटवर्क बनाया

 

बेटा अतुल पांडे जमीन कब्जा करने में माहिर…गुमसानी गांव में हाईवे किनारे की जमीन के लिए इतना धन कहां से आया

 

अगर इतने पाक साफ हैं तो यहां से लेकर उत्तर प्रदेश तक फैली अपनी संपत्तियों, पेट्रोल पंपों और अन्य धंधो का ब्योरा सार्वजनिक क्यों नहीं कर देते

 

उत्तराखंड में सरकारी नौकरियों के लिए बाहरी लोगों और अपने करीबियों की पैरवी क्यों करते हैं

 

राजनीतिक और आर्थिक संरक्षणकर्ताओं के इशारे पर लोगों को झूठे मुकदमें में क्यों फंसाते हैं

 

सेमलपुरी में जनजाति की जमीन को बेटे के नाम चढी जमीन की जानकारी ना होना क्या ये संभव है ?

 

और यदि जमीन आगे किसानों को बेची गई, तो भविष्य में कानूनी विवाद की स्थिति में गरीब किसानों की जिम्मेदारी कौन लेगा?

 

शुगर फै्ट्री और मूर्ति देवी हत्याकांड के ज्वलंत सवालों का जवाब अब तक क्यों नहीं दे पाए

 

विधायक बनने से पहले अरविंद पांडे जिस आर्माडा गाड़ी में चलते थे, वह किसकी थी? उसका खर्च और डीज़ल कौन भरता था?

 

चुनाव से पहले इस्तेमाल होने वाला मोबाइल किसका था और उसका बिल कौन देता था? 2002 के बाजपुर चुनाव में पोलिंग एजेंट और बूथ प्रबंधन के लिए संसाधन किसने जुटाए?

 

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