उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव: विपक्ष का सूपड़ा साफ! 110+ महाविद्यालयों के अध्यक्ष-महासचिव पदों पर ABVP का एकतरफा कब्जा।
देहरादून – उत्तराखंड छात्रसंघ चुनाव: एबीवीपी की बंपर जीत, सीएम धामी ने दी बधाई; 2027 विधानसभा चुनाव से पहले युवा शक्ति का बड़ा संदेश*
छात्रसंघ चुनावों के नतीजे 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा सियासी संकेत हैं।… राज्य की नई पीढ़ी (Gen-Z) ने विपक्षी दलों के एजेंडे को नकारते हुए भाजपा समर्थित छात्र संगठन को चुना है।
*कॉलेजों से उठी ‘भगवा’ की यह गूंज आने वाले दिनों में राज्य की मुख्यधारा की राजनीति पर गहरा असर डालेगी।*

उत्तराखंड के उच्च शिक्षण संस्थानों में हुए छात्रसंघ चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीतिक सरगर्मी को बढ़ा दिया है। साल 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखे जा रहे इन छात्रसंघ चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने एकतरफा और ऐतिहासिक जीत दर्ज की है।
राज्य के जेन-जी (Gen-Z) यानी युवा मतदाताओं ने एबीवीपी के पक्ष में जी खोलकर मतदान किया है, जिसे कांग्रेस और विपक्ष के दावों के खिलाफ युवाओं के बड़े जनादेश के रूप में देखा जा रहा है।
*110 से अधिक कॉलेजों में एबीवीपी का परचम*
प्रदेश भर के 110 से अधिक महाविद्यालयों में संपन्न हुए छात्रसंघ चुनावों में एबीवीपी ने मुख्य पदों पर अपना दबदबा बनाया है।
अधिकांश कॉलेजों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर विद्यार्थी परिषद के उम्मीदवारों ने जीत हासिल की है।

डीएवी पीजी कॉलेज (देहरादून): राज्य के सबसे बड़े कॉलेज डीएवी पीजी कॉलेज में एबीवीपी के नवदीप राणा ने अध्यक्ष पद पर शानदार जीत दर्ज की है।
एसजीआरआर (SGRR) कॉलेज: श्री गुरु राम राय पीजी कॉलेज में एबीवीपी ने क्लीन स्वीप करते हुए सभी प्रमुख पदों पर अपना कब्जा जमाया है।
डिग्री कॉलेजों में मंगलवार को हुए छात्र संघ चुनाव में दून समेत गढ़वाल मंडल में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद का दबदबा बरकरार है। गढ़वाल मंडल के 55 डिग्री कॉलेजों में से 23 में अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। वहीं, मुख्य विपक्षी छात्र संगठन भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) के 17 और अन्य के 15 कॉलेजों में छात्र संघ अध्यक्ष बने हैं। कुमाऊं मंडल में 51 कॉलेजों में से 25 पर निर्दलीय, 16 पर एबीवीपी और सात पर एनएसयूआई के प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की। इस बार छात्र संघ चुनाव में पहली बार छात्राओं को 50 फीसदी की हिस्सेदारी अलग-अलग पदों पर दी गई थीं।

*मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी बधाई*
इस ऐतिहासिक जीत के बाद उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एबीवीपी के सभी विजयी उम्मीदवारों और कार्यकर्ताओं को बधाई दी है। मुख्यमंत्री ने सोशल मीडिया पर युवाओं की इस ऊर्जा को सराहा और कहा कि राष्ट्रवाद और विकास के मुद्दे पर राज्य के युवाओं ने एक बार फिर अपना अटूट विश्वास जताया है।
*2027 का ‘सेमीफाइनल’ और युवाओं का संदेश*
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इन चुनावों के नतीजे 2027 के उत्तराखंड विधानसभा चुनाव से पहले एक बड़ा सियासी संकेत हैं। राज्य की नई पीढ़ी (Gen-Z) ने विपक्षी दलों के एजेंडे को नकारते हुए भाजपा समर्थित छात्र संगठन को चुना है। कॉलेजों से उठी ‘भगवा’ की यह गूंज आने वाले दिनों में राज्य की मुख्यधारा की राजनीति पर गहरा असर डालेगी।


